Amravati bodybuilder: यूपी के अमरावती से एक कहानी जो युवाओं के लिए मिसाल बन गई है. रोशन भजनकर, एक मेहनती बॉडीबिल्डर जो दिन में रेलवे माल डिपो पर काम करता था और रात में अपने सपनों को जीवित रखता था. उनकी यात्रा न केवल प्रेरणा देती है बल्कि यह भी साबित करती है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से कोई भी सपना साकार हो सकता है.
दिन में मजदूरी
रोशन भजनकर दिनभर रेलवे के माल शेड में भारी वजन उठाने और कड़ी मेहनत करने में बिताते हैं. लेकिन जैसे ही सूरज ढलता है, उनका असली जुनून जाग उठता है - बॉडी बिल्डिंग. दिन भर की थकान के बावजूद वे जिम में पसीना बहाते हैं और अपने शरीर को मूर्ति की तरह तराशते हैं.
उनकी मेहनत और लगन उन्हें आम लोगों से अलग करती है. दिन में मेहनत, रात में बॉडी बिल्डिंग! यह उनका नारा नहीं, बल्कि जीवन का मूल मंत्र है. रोशन का मानना है कि अगर आपके पास सपने हैं, तो आप हमेशा मेहनत के लिए समय निकाल ही सकते हैं.
युवाओं के लिए प्रेरणा
रोशन की मेहनत रंग लाई और उन्होंने कई बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिताओं में शानदार सफलता हासिल की. उनकी जीत ने न केवल उनके सपनों को सच साबित किया, बल्कि वे युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन गए हैं. उनकी कहानी बताती है कि आर्थिक स्थिति या कठिन परिस्थितियां कभी भी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए.