40 साल बाद फिर से इतिहास रचने को तैयार भारत, शुभांशु शुक्ला जाएंगे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन

भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला मई में Axiom Mission 4 (Ax-4) के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) की यात्रा करेंगे, जो 40 साल बाद किसी भारतीय के अंतरिक्ष में जाने का ऐतिहासिक क्षण साबित होगा.

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Shubhanshu Shukla: भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला मई में Axiom Mission 4 (Ax-4) के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) की यात्रा करेंगे, जो 40 साल बाद किसी भारतीय के अंतरिक्ष में जाने का ऐतिहासिक क्षण साबित होगा. यह मिशन न केवल भारत के लिए गर्व का विषय है, बल्कि देश की वैज्ञानिक क्षमताओं को वैश्विक मंच पर और मजबूत करेगा.

मिशन पायलट के रूप में इतिहास रचेंगे

शुभांशु शुक्ला Ax-4 मिशन में मिशन पायलट के रूप में हिस्सा लेंगे. उनके साथ पोलैंड, हंगरी और अमेरिका के अंतरिक्ष यात्री भी शामिल होंगे. इस मिशन की कमांडर अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री पेगी विटसन होंगी, जबकि पोलैंड के स्लावोज उज्नांस्की और हंगरी के तिबोर कापु मिशन स्पेशलिस्ट के तौर पर कार्य करेंगे. यह 14 दिनों का मिशन वैज्ञानिक शोध और तकनीकी परीक्षणों पर केंद्रित होगा.

ड्रैगन कैप्सूल से होगा लॉन्च

शुभांशु और उनकी टीम स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल और फाल्कन-9 रॉकेट के जरिए अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च होगी. लॉन्च की सटीक तारीख नासा और Axiom Space के अंतिम अनुमोदन के बाद घोषित की जाएगी. यह मिशन अंतरिक्ष में माइक्रोग्रैविटी में जैविक और भौतिक विज्ञान के प्रयोगों के साथ-साथ नई तकनीकों के परीक्षण पर फोकस करेगा.

क्या है इसका उद्देश्य?

एक्स-4 मिशन का मुख्य लक्ष्य अंतरिक्ष में वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना है. आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस मिशन के तहत धरती पर लोगों को अंतरिक्ष विज्ञान और अनुसंधान के बारे में जागरूक किया जाएगा. यह मिशन एक्सिओम स्पेस की चौथी निजी अंतरिक्ष उड़ान है, जो भविष्य में वाणिज्यिक अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है.

शुभांशु का यह मिशन 1984 में राकेश शर्मा के बाद किसी भारतीय द्वारा अंतरिक्ष यात्रा का दूसरा उदाहरण है. यह उपलब्धि भारत द्वारा अंतरिक्ष अनुसंधान में नई ऊंचाइयों को छूने का संकेत है और गगनयान मिशन के लिए आधार तैयार करेगी.